मुख्यपान » सरणत्तयं
A+ R A-
ई-मेल प्रिंट
सरणत्तयं

लघुपाठ

नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासंबुद्धस्स ||
सरणत्तयं

बुद्धं सरणं गच्छामि| धम्मं सरणं गच्छामि| संघ सरणं गच्छामि|
दुतियं पि बुद्धं सरणं गच्छामि| दुतियं पि धम्मं सरणं गच्छामि|
दुतिय पि संघ सरणं गच्छामि| ततियं पि बुद्धं सरणं गच्छामि|
ततियं पि धम्म सरणं गच्छामि| तितिय पि संघं सरणं गच्छामि|


बुद्धला शरण जातों| धर्माला शरण जातों| संघाला शरण जातों| दुस-यांदाहि बुद्धला शरण जातों| दुस-यांदाहि धर्माला शरण जातों| दुस-यांदाहि संघाला शरण जातों| तिस-यांदाहि बुद्धला शरण जातों| तिस-यांदाहि धर्माला शरण जातों| तिस-यांदाहि संघाला शरण जातों|

|| सरणत्तय निटि्ठतं ||
----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
पञ्चसीलं

पाणातिपाता वेरमणी सिक्खापदं समादियामि| अदिन्नादाना वेरमणी सिक्खापदं समादियामि| कामेसु मिच्छाचारा वेरमणी सिक्खापदं समादियामि| मुसावादा वेरमणी सिक्खापदं समादियामि | सुरामेरयमज्जपमादट्ठाना वेरमणी सिक्खापदं समादियामि|


प्राणघातापासून निवृत्ति हें शिक्षापद मी उत्तम रितीनें ग्रहण करितों| न दिलेलें घेण्यापासून निवृत्ति हें शिक्षापद मी उत्तम रीतीने ग्रहण करितों| व्याभिचारापासून निवृत्ति हें शिक्षापद मी उत्तम रीतीनें ग्रहण करितों| खोटें बोलण्यापासून निवृत्ति हें शिक्षापद मी उत्तम रीतीनें ग्रहण करितों| दारू वगैरे मादक पदार्थांपासून निवृत्ति हें शिक्षापद मी उत्तम रीतीनें ग्रहण करितों ||

||पञ्चसीलं निट्ठितं||


यशवंतराव चव्हाण प्रतिष्ठान निर्मित महत्वपूर्ण संकेतस्थळे..